Heer Ranjha


चल, धोंड लाये
सरी मासूम सी खुसियान
चल, भूल जय फसेलिन दर्मियान

किसने बनया दस्तूर आइसा
जेना सिखया मजबूर जायसा

दिल रो राह है
दिल है परशान
हीर और रांझा
के इश्क जायसा

केहते है जो पानते होत नहीं
पूत कते बहोत कुच बान

मिल जाउंगा तुझसे
फिर उनन किताबन मे
हो जहान जिकर तेरा

तू, तू
मुख्य और तू
तू, तू
मुख्य और तू

किसने बनया दस्तूर आइसा
जेना सिखया मजबूर जायसा

आंखें मेरी सपना तेरा
सपने सुबा शम है

तू है साहि ये मुख्य हू साहि
किसपे ये इलाज़म है

आंखें मेरी सपना तेरा
सपने सुबा शम है
तू है साहि ये मुख्य हू साहि
किसपे ये इल्जाम है

ऐसि लगन बाँधे हुये
हु मेन खडा अब वहान

जस चोर पे ठा छोट मेरा
हाथन से तेरे हाथ

जिस्ने हस्सा जिस्ने रुलाया
जेना सिखया मजबूर जायसा

जन है जय
है केसे रोका
हीर और रांझा
के इश्क जायसा

तू, तू
मुख्य और तू

तू, तू
मुख्य और तू